तुम सहयोग करती हो मुझे आराम रहता है सच्चे हमसफर का यही पहचान रहता है कभी जब टूट जाता हूं मुझे तुम थाम लेती हो मंजिल तक पहुंचने का सही रास्ते की पहचान देती हो
दिल को चुरा लेने का अंदाज उसमें है यूंही इंकार कर मुझे सताने का तरीका ढूंढ लेती है धक्का मार कर मुझको प्यार करने का इशारा ठोक देती है ऐसी अप्सरा है वहां कहां अपना गुजारा है उसके बारे में ख्वाबों में भी कभी सोच लूं मेरा दिल मुझको डांट देता है